*प्रधानमंत्री सड़क योजना से बने मार्ग को मोरम माफियाओं ने किया ध्वस्त परिवहन, खनिज, पुलिस की मिली-भगत से हो रहा ओवरलोडिंग का खेल*
फतेहपुर गांवों को पक्की सड़कों से
*प्रधानमंत्री सड़क योजना से बने मार्ग को मोरम माफियाओं ने किया ध्वस्त*
*परिवहन, खनिज, पुलिस की मिली-भगत से हो रहा ओवरलोडिंग का खेल*
*थाने से लेकर राजधानी तक मजबूत पकड़ के चलते विभागीय अधिकारी सिर्फ करते हैं खानापूर्ति*
फतेहपुर गांवों को पक्की सड़कों से

जोड़ने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत भारी भरकम बजट देकर मजबूत सड़कों का निर्माण कराया जाता है लेकिन मोरम माफिया जिले से लेकर राजधानी तक अपनी मजबूत पकड़ के चलते नियम कानून को ताक में रखकर मोरम डंपो से ओवरलोड वाहनों का आवागमन करवा रहे हैं जिसकी वजह से प्रधानमंत्री सड़क योजना से बनी सड़क में जगह जगह जानलेवा गड्ढे हो गये है जिसमें प्रतिदिन राहगीर व बाईक सवार चुटहिल हो रहे हैं लेकिन इन विकराल समस्याओं से मोरम माफिया को कोई मतलब नहीं है ।
बात कर रहे हैं नगर पंचायत असोथर के कठौता मार्ग की जो कि अभी पूर्व में प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत बनी थी और आवागमन सही तरीके से हो रहा था लेकिन जब से मोरम खदानें चालू हुई सड़कों की बर्बादी का दिन शुरु हो गया वही कठौता के पहले मोरम संचालकों द्वारा दो स्थानों में भारी मात्रा मे मोरम डंप की गयी थी जिसे 15 जुलाई से चालू किया था बारिश के महीनों में इस मार्ग से 70 से 80 टन मोरम लेकर डंपर,ट्रेलर बेधड़क निकल रहे हैं जिसकी वजह से जगह जगह जानलेवा गड्ढे हो गये है जिसमें आएदिन कोई न कोई राहगीर व बाईक सवार गिरकर चुटहिल हो रहा है लेकिन इन सब परेशानियों से मोरम माफिया को कोई लेना देना नहीं है।
स्कूली बच्चों ने स्कूल आना किया बंद
रास्ता खराब होने के चलते अभिभावकों ने अपने बच्चों को बारिश के मौसम में स्कूल भेजना बंद कर दिया है जिसकी वजह से बच्चों की शिक्षा भी चौपट होने के साथ ही कोर्स भी पिछड़ रहा है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों ने स्कूलों बच्चों के भविष्य को देखते हुए मोरम माफियाओं को प्रशासन के जरिए चेतावनी दिया है कि यदि जल्द ही ओवरलोडिंग न बंद हुई व जर्जर मार्ग चलने लायक नहीं बनाया जाता तो इसके खिलाफ अभाविप एक बड़ा आंदोलन करेगी जिसकी सारी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।