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*कौशाम्बी से शर्मनाक तस्वीरें: स्कूल में पढ़ाई की जगह मजदूरी करते दिखे मासूम बच्चे*

कौशाम्बी

*कौशाम्बी से शर्मनाक तस्वीरें: स्कूल में पढ़ाई की जगह मजदूरी करते दिखे मासूम बच्चे*

कौशाम्बी (उत्तर प्रदेश)
उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। पवैया गांव स्थित पीएम श्री विद्यालय में पढ़ने वाले नन्हे बच्चों से पढ़ाई के बजाय कथित तौर पर मजदूरी कराई जा रही है, जिसकी तस्वीरें अब सामने आई हैं।

तस्वीरों ने खोली व्यवस्था की पोल

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि छोटे-छोटे बच्चे अपने सिर पर बालू से भरे तसले उठाकर स्कूल परिसर में ले जा रहे हैं। जिन हाथों में किताबें और कॉपियां होनी चाहिए थीं, वही हाथ निर्माण सामग्री ढोने को मजबूर नजर आ रहे हैं।

🏫 मरम्मत कार्य के नाम पर बच्चों से काम?

स्थानीय सूत्रों के अनुसार विद्यालय परिसर में मरम्मत कार्य चल रहा है। आरोप है कि खर्च बचाने के उद्देश्य से विद्यालय प्रशासन द्वारा बच्चों से ही श्रम कराया गया। इस दौरान न तो बच्चों की कम उम्र का ध्यान रखा गया और न ही उनकी सुरक्षा के कोई इंतजाम किए गए।

⚖️ कानून का खुला उल्लंघन

ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि यह घटना बाल श्रम निषेध कानून और शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) का सीधा उल्लंघन है। बच्चों के सिर पर भारी बोझ डालना किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकता था।

👨‍👩‍👧‍👦 ग्रामीणों में आक्रोश

घटना सामने आने के बाद गांव में भारी नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का साफ कहना है—“बच्चे स्कूल पढ़ने आते हैं, मजदूरी करने नहीं।

अगर दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।”

 

क्या सरकारी स्कूलों में बच्चों का भविष्य सुरक्षित है?

क्या शिक्षा के नाम पर अब बच्चों से मजदूरी कराई जाएगी?

जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कब होगी?

🤐 शिक्षा विभाग की चुप्पी

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मामले के उजागर होने के बावजूद शिक्षा विभाग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन कब संज्ञान लेता है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।

बच्चों को उनका अधिकार—शिक्षा—कब मिलेगा, यह सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है।

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