प्रेरणादायी पहल: जिलाधिकारी कौशाम्बी की संवेदनशीलता बनी समाज के लिए मिसाल
कौशांम्बी
प्रेरणादायी पहल: जिलाधिकारी कौशाम्बी की संवेदनशीलता बनी समाज के लिए मिसाल

जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने आज ओसा से कलेक्ट्रेट लौटते समय मानवीय संवेदनशीलता और प्रशासनिक सक्रियता का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। रास्ते में पाता गांव के पास उन्होंने सड़क किनारे मिट्टी के बर्तन बनाती कुछ बच्चियों को देखा, तो तुरंत अपनी गाड़ी रुकवाई और उन बच्चियों तथा उनके अभिभावकों से संवाद किया।
उन्होंने शिक्षा के महत्व पर विस्तृत चर्चा करते हुए सभी को प्रेरित किया कि बच्चियों को नियमित रूप से विद्यालय भेजा जाए। उन्होंने मौके पर मौजूद उपजिलाधिकारी मंझनपुर, श्री सुखलाल प्रसाद वर्मा को निर्देशित किया कि संबंधित विभागों से समन्वय कर इन बच्चियों का प्रवेश कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, मंझनपुर या राजकीय आश्रम पद्धति बालिका विद्यालय, भरसवा में सुनिश्चित कराया जाए, ताकि कोई भी बालिका शिक्षा के अधिकार से वंचित न रह सके।
जिलाधिकारी की इस संवेदनशील एवं दूरदर्शी पहल का उद्देश्य न केवल इन बच्चियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है, बल्कि उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव भी रखना है।
स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि उनका यह व्यवहार समाज में शिक्षा के प्रति नई चेतना और जागरूकता का संचार करेगा।