*प्रयागराज: अकबरपुर मिर्जापुर गांव में ज़मीन विवाद ने लिया गंभीर रूप, पीड़ित ने भू-माफियाओं पर लगाया कब्जे का आरोप*
प्रयागराज
*प्रयागराज: अकबरपुर मिर्जापुर गांव में ज़मीन विवाद ने लिया गंभीर रूप, पीड़ित ने भू-माफियाओं पर लगाया कब्जे का आरोप*

प्रयागराज (एयरपोर्ट थाना क्षेत्र) अंतर्गत अकबरपुर मिर्जापुर गांव में एक ज़मीन विवाद ने गंभीर रूप ले लिया है। स्थानीय निवासी रमेश पासी ने आरोप लगाया है कि उनकी पैतृक ज़मीन (खसरा संख्या 28) पर भू-माफियाओं द्वारा जबरन कब्जा कर जेसीबी मशीन से निर्माण कार्य शुरू करवा दिया गया। रमेश पासी के अनुसार, यह कार्यवाही बिना किसी पूर्व सूचना के की गई और जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो उनकी बात को नज़रअंदाज कर दिया गया। पीड़ित का कहना है कि मौके पर मौजूद लेखपाल को वैध दस्तावेज भी दिखाए गए, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने नेपाल सिंह पटेल उर्फ चंद्रप्रकाश, ग्राम प्रधान पदम सिंह पटेल समेत अन्य अज्ञात लोगों पर साजिश रचने का आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से न्याय की मांग की है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक मामले की जांच जारी है।भूमि विवाद से जूझता एक परिवार: अकबरपुर मिर्जापुर में न्याय की आस में रमेश पासी भूमि विवाद उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में नई बात नहीं है, लेकिन जब प्रशासन मौन रहे और भू-माफिया सक्रिय हो जाएं, तो हालात बेहद चिंताजनक हो जाते हैं। प्रयागराज के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अकबरपुर मिर्जापुर गांव में कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है। स्थानीय निवासी रमेश पासी का आरोप है कि उनकी पैतृक ज़मीन (खसरा संख्या 28) पर कुछ अज्ञात लोगों ने कब्जा कर लिया और जेसीबी मशीन से निर्माण कार्य शुरू करवा दिया। उनका कहना है कि न तो उन्हें कोई पूर्व सूचना दी गई और न ही उनकी आपत्तियों को गंभीरता से लिया गया। जब रमेश पासी ने मौके पर पहुंच कर विरोध किया, तो वहां मौजूद लेखपाल को दस्तावेज भी दिखाए गए, लेकिन अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने नेपाल सिंह पटेल उर्फ चंद्रप्रकाश और ग्राम प्रधान पदम सिंह पटेल पर साजिश का आरोप लगाया है। यह मामला न केवल एक व्यक्ति के अधिकारों का हनन है, बल्कि यह प्रशासन की निष्क्रियता और ग्रामीण स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार की ओर भी इशारा करता है। पीड़ित परिवार अब न्याय की गुहार लगा रहा है। प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला और गहराता जा सकता है।