*जनगणना-2027 में OBC की अलग और स्पष्ट गणना हो, तभी सामाजिक न्याय की तस्वीर होगी साफ शालिनी सिंह पटेल*
बुंदेलखंड

*जनगणना-2027 में OBC की अलग और स्पष्ट गणना हो, तभी सामाजिक न्याय की तस्वीर होगी साफ शालिनी सिंह पटेल*
नई दिल्ली राष्ट्रपति को पत्र भेजकर जनगणना की प्रश्नावली में OBC के लिए पृथक कॉलम या वैज्ञानिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग
नई दिल्ली। जनगणना-2027 में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की पृथक एवं स्पष्ट गणना सुनिश्चित किए जाने की मांग तेज हो गई है। इसी क्रम में जेडीयू की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं संगठन प्रभारी बुंदेलखंड शालिनी सिंह पटेल ने राष्ट्रपति को पत्र भेजकर जनगणना-2027 की प्रश्नावली में OBC के लिए स्पष्ट एवं पृथक कॉलम, श्रेणी अथवा वैज्ञानिक गणना व्यवस्था शामिल किए जाने की मांग की है।
शालिनी सिंह पटेल ने कहा कि देश की वास्तविक सामाजिक संरचना को समझने और सामाजिक न्याय से जुड़ी नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रत्येक सामाजिक वर्ग की प्रमाणिक जनसंख्या का आंकड़ा उपलब्ध होना बेहद जरूरी है।
आरक्षण और सरकारी योजनाओं में मिलेगा तथ्यपरक आधार
उन्होंने कहा कि OBC समाज की वास्तविक जनसंख्या का प्रमाणिक आंकड़ा सामने आने से आरक्षण, शिक्षा, रोजगार, सरकारी योजनाओं, सामाजिक कल्याण और विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिनिधित्व से जुड़े फैसले अधिक तथ्यपरक और न्यायसंगत तरीके से लिए जा सकेंगे।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से OBC की जनसंख्या को लेकर अलग-अलग अनुमान सामने आते रहे हैं, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणिक आंकड़े उपलब्ध नहीं होने के कारण इस वर्ग की वास्तविक सामाजिक स्थिति का सटीक आकलन करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
बिहार के जातीय सर्वेक्षण का किया उल्लेख
शालिनी सिंह पटेल ने बिहार में हुए जातीय सर्वेक्षण का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां विभिन्न सामाजिक वर्गों की जनसंख्या से जुड़े आंकड़े सामने आए हैं। इसी तरह राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली जनगणना-2027 में भी OBC की गणना को पूरी स्पष्टता, पारदर्शिता और वैज्ञानिक तरीके से शामिल किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जब आबादी का सही और प्रमाणिक आंकड़ा सामने आएगा, तभी विभिन्न वर्गों की हिस्सेदारी और प्रतिनिधित्व का वास्तविक आकलन संभव हो सकेगा।
“आंकड़ों के बिना सामाजिक न्याय की नीतियां अधूरी”
शालिनी सिंह पटेल ने कहा कि “आंकड़ों के बिना सामाजिक न्याय की नीतियां अधूरी हैं।” उनके मुताबिक किसी भी वर्ग की वास्तविक सामाजिक और आर्थिक स्थिति का आकलन प्रमाणिक आंकड़ों के आधार पर ही किया जा सकता है।
उन्होंने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि भारत सरकार, गृह मंत्रालय तथा रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई के लिए उचित संदेश अथवा अनुशंसा प्रेषित की जाए।
राष्ट्रीय विषय है OBC की गणना की मांग
शालिनी सिंह पटेल ने स्पष्ट किया कि OBC की पृथक गणना की मांग किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल विशेष के हित से जुड़ी नहीं है, बल्कि यह सामाजिक न्याय, समान अवसर और देश के प्रत्येक वर्ग की वास्तविक भागीदारी से जुड़ा राष्ट्रीय विषय है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि जनगणना-2027 की प्रक्रिया में OBC की जनसंख्या को स्पष्ट एवं प्रमाणिक रूप से दर्ज करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे पुरी खबर के लिए पेज फॉलो करें और अपनी राय कमेंट में जरूर दें।
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