*कौशाम्बी मृतक के वारिसों को दरकिनार कर चाचा के नाम जमीन दर्ज कराने का आरोप, महिला ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर लगाई न्याय की गुहार*
कौशाम्बी
*कौशाम्बी मृतक के वारिसों को दरकिनार कर चाचा के नाम जमीन दर्ज कराने का आरोप, महिला ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर लगाई न्याय की गुहार*
कौशाम्बी। चकबंदी क्षेत्र में पुश्तैनी जमीन की वरासत को लेकर एक महिला ने गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला चूहा पीरन मजरा सौरई बुजुर्ग गांव का बताया जा रहा है, जहां कुमारी ननकी उर्फ आसमा पुत्री मोहम्मद नईम ने आरोप लगाया कि उनके पिता मोहम्मद नईम पुत्र गुलाम मोहम्मद की दुर्घटना में मृत्यु के बाद उनकी चार पुत्रियां वारिस थीं।
महिला का आरोप है कि इसके बावजूद मृतक की पुश्तैनी जमीन की वरासत में बेटियों को वारिस दर्ज नहीं किया गया और उनके सगे चाचा के नाम जमीन दर्ज कर दी गई।
पीड़िता के मुताबिक, 18 सितंबर 2024 को अधिकारियों के समक्ष की गई कार्रवाई में उन्हें वारिस के रूप में दर्ज करने के बजाय उनके चाचा के नाम वरासत कर दी गई। महिला ने आरोप लगाया कि इस पूरी प्रक्रिया में चकबंदी अधिकारी, लेखपाल और ग्राम प्रधान की मिलीभगत रही तथा नियमों की अनदेखी करते हुए जमीन उनके चाचा के नाम दर्ज कर दी गई।
पीड़ित महिला का कहना है कि वह अपने हक की जमीन वापस पाने के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रही हैं। न्याय की उम्मीद में उन्होंने सोमवार को मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए मामले की जांच कराने और जमीन में उनका वैधानिक हिस्सा दिलाने की मांग की है।
अब देखना यह है कि शिकायत के बाद प्रशासन इस मामले की जांच किस स्तर पर करता है और सामने आए आरोपों पर क्या कार्रवाई होती है।
सुने पीड़ित महिला की जुबानी—क्या है पूरा मामला?

