*बांदा में “अस्तित्व बचाओ–भाईचारा बनाओ” सम्मेलन, सामाजिक न्याय व संवैधानिक अधिकारों पर जोर*
बांदा उत्तर प्रदेश के जिला
*बांदा में “अस्तित्व बचाओ–भाईचारा बनाओ” सम्मेलन, सामाजिक न्याय व संवैधानिक अधिकारों पर जोर*
बांदा। उत्तर प्रदेश के जिला 
बांदा में आयोजित “अस्तित्व बचाओ–भाईचारा बनाओ” प्रबुद्ध जनसम्मेलन में सामाजिक न्याय, आरक्षण, लोकतंत्र और अल्पसंख्यक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। वक्ताओं ने कहा कि बहुजन समाज की असल ताक़त को दबाने और संविधान की मूल भावना को कमजोर करने की कोशिशें की जा रही हैं।
सम्मेलन में उठाए गए प्रमुख मुद्दे
1. ओबीसी की जातिवार जनगणना:
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जानबूझकर अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की जातिवार जनगणना नहीं करा रही है। इसे सामाजिक न्याय के खिलाफ सुनियोजित षड्यंत्र बताया गया।
2. आरक्षण और संविधान की रक्षा:
सम्मेलन में कहा गया कि मौजूदा शासन व्यवस्था आरक्षण को कमजोर करने और संविधान की आत्मा को आहत करने की ओर अग्रसर है। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर द्वारा दिए गए अधिकारों की रक्षा के लिए सतत संगठित और जागरूक रहना जरूरी है।
3. EVM प्रणाली पर सवाल:
इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) से चुनाव कराने को लोकतंत्र की पारदर्शिता और जनविश्वास के खिलाफ बताया गया। इसे सत्तारूढ़ वर्ग के नियंत्रण का हिस्सा कहा गया।
4. दलित, पिछड़े, आदिवासी व अल्पसंख्यकों पर अत्याचार:
सम्मेलन में चिंता जताई गई कि हाल के वर्षों में अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़े वर्ग और मुस्लिम समाज पर अत्याचार बढ़े हैं। इसे संवैधानिक मूल्यों और सामाजिक सौहार्द के लिए खतरा बताया गया।
5. प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण की मांग:
सरकारी उपक्रमों के निजीकरण से आरक्षण के अवसर घट रहे हैं। इसलिए प्राइवेट सेक्टर में भी आरक्षण लागू करने की मांग उठाई गई, ताकि समावेशी विकास सुनिश्चित हो।
6. मंडल कमीशन की सिफारिशों का क्रियान्वयन:
सम्मेलन में मंडल कमीशन की सभी सिफारिशों को पूर्ण रूप से लागू करने पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि यही सामाजिक न्याय की स्थापना का रास्ता है।