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*विवादित जमीन की रजिस्ट्री के आरोप से चायल तहसील में हड़कंप,मुख्यमंत्री से उच्चस्तरीय जांच की मांग*

कौशाम्बी

*विवादित जमीन की रजिस्ट्री के आरोप से चायल तहसील में हड़कंप,मुख्यमंत्री से उच्चस्तरीय जांच की मांग*

कौशांबी। चायल तहसील में विवादित जमीन की रजिस्ट्री और नामांतरण को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। पुरखास गांव निवासी मूलचंद्र ने मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र भेजकर मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता ने वर्तमान तहसीलदार सिद्धांत कुमार यादव समेत समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेता अनवार अहमद खान और फुरकान अहमद पर कथित सांठगांठ के जरिए विवादित भूमि का बैनामा कराने का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, पुरखास गांव की गाटा संख्या 1201 और 1003 की भूमि के मूल खातेदार अनुसूचित जाति से संबंधित बताए गए हैं। आरोप है कि जिलाधिकारी की अनुमति के बिना भूमि का बैनामा कराकर नामांतरण कराया गया और इसके बाद जमीन पर प्लाटिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
मूलचंद्र का कहना है कि मामले की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने तहसीलदार न्यायालय में पुनर्स्थापन प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। शिकायत के अनुसार, 22 अप्रैल 2026 को स्थगन आदेश पारित किया गया, जिसका अंकन खतौनी में भी दर्ज होने का दावा किया गया है। इसके बावजूद विवादित भूमि की रजिस्ट्री कराए जाने का आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता ने तहसीलदार सिद्धांत कुमार यादव और अनवार अहमद खान के बीच कथित सांठगांठ का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी और अपर जिलाधिकारी से भी शिकायत किए जाने की बात कही है। अब मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच वरिष्ठ अधिकारियों से कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाएं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
मामले की अगली सुनवाई 24 अगस्त 2026 को निर्धारित बताई गई है।
वहीं, जब इस संबंध में चायल तहसीलदार सिद्धांत कुमार यादव से जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा कोई मामला है तो उसकी जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अब सवाल यह है कि क्या विवादित भूमि की रजिस्ट्री और नामांतरण नियमों के अनुरूप हुआ या नहीं? मुख्यमंत्री को भेजी गई शिकायत के बाद जांच होने पर ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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